क्रिप्टोकरेंसी की शुरुआत कैसे हुई ?[The Origin of Cryptocurrency]
जब दुनिया में इन्टरनेट सुविधा शुरू हुई, तभी यह बहुत से लोगों के लिए अंजान थी. सन 1990 के दशक की बात करें, तो शुरुआत में अधिकांश लोग इन्टरनेट को समझने के लिए संघर्ष कर रहे थे. हालांकि बहुत से लोग इतने स्मार्ट थे, कि उन्हें इसके बारे में पूरी जानकारी थी कि आखिर इन्टरनेट इतना शक्तिशाली टूल कैसे हैं. ऐसे लोगों का मानना था, कि सरकार और कारपोरेशन का हमारे जीवन पर बहुत अधिक पॉवर हो गया है. और वे चाहते थे कि दुनिया के लोगों को इन्टरनेट का उपयोग करके स्वतंत्रता मिले. इसलिए ये साइफरपंक्स क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करते हुए इन्टरनेट यूजर्स को अपने पैसे और जानकारी अधिक नियंत्रित रखने की अनुमति देना चाहते थे.
जब दुनिया में इन्टरनेट सुविधा शुरू हुई, तभी यह बहुत से लोगों के लिए अंजान थी. सन 1990 के दशक की बात करें, तो शुरुआत में अधिकांश लोग इन्टरनेट को समझने के लिए संघर्ष कर रहे थे. हालांकि बहुत से लोग इतने स्मार्ट थे, कि उन्हें इसके बारे में पूरी जानकारी थी कि आखिर इन्टरनेट इतना शक्तिशाली टूल कैसे हैं. ऐसे लोगों का मानना था, कि सरकार और कारपोरेशन का हमारे जीवन पर बहुत अधिक पॉवर हो गया है. और वे चाहते थे कि दुनिया के लोगों को इन्टरनेट का उपयोग करके स्वतंत्रता मिले. इसलिए ये साइफरपंक्स क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करते हुए इन्टरनेट यूजर्स को अपने पैसे और जानकारी अधिक नियंत्रित रखने की अनुमति देना चाहते थे.
इसके लिए साइफरपंक्स ने डिजिटल कैश की एक सूची बनाई, जिसमें डिजिकैश और साइबरकैश दोनों एक डिजिटल मनी सिस्टम बनाने के प्रयास थे. किन्तु कुछ कमी के चलते दोनों असफल हो गए. फिर लंबे समय के इंतजार के बाद सन 2009 में एक डिजिटल कैश सिस्टम यानि डिजिटल करेंसी का अविष्कार किया गया, जोकि सफल रहा. और इस तरह से क्रिप्टोकरेंसी की शुरुआत हुई.

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