क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित कुछ जानकारी [Cryptocurrency Related Some Information]

क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित कुछ जानकारी [Cryptocurrency Related Some Information]


क्रिप्टोकरेंसी को समझने से पहले आप नीचे दिए हुए कुछ बिन्दुओं पर नजर डालिए –


डिजिटल :- क्रिप्टोकरेंसी को हम देख नहीं सकते हैं, क्योंकि यह कंप्यूटर पर होती हैं न कि सजीवन, इसलिए यह डिजिटल करेंसी हैं.

डीसेंट्रलाइज्ड :- क्रिप्टोकरेंसी के पास एक सेंट्रल कंप्यूटर या सर्वर नहीं है, उन्हें आमतौर पर हजारों कंप्यूटर्स के नेटवर्क पर वितरित किया जाता है. एक बिना सेंट्रल सर्वर नेटवर्क को डीसेंट्रलाइज्ड नेटवर्क्स कहा जाता है.

पीयर-टू-पीयर :- क्रिप्टोकरेंसी को एक व्यक्ति के पास से दुसरे व्यक्ति को ऑनलाइन पास किया जाता है. इसमें यूजर्स बैंक या पेइंग सिस्टम या फिर फेसबुक के मध्यम से एक दूसरे के साथ इंटरैक्ट नहीं करते हैं. यानि इसमें कोई भी तीसरा पक्ष नहीं होता हैं. बल्कि इसमें सीधे एक – दूसरे के साथ पारस्परिक व्यवहार होता है, और इसे ही पीयर-टू-पीयर कहा जाता है.

सूडोनिमस :- इसका मतलब यह होता है कि आपको क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करने के लिए कोई व्यक्तिगत जानकारी भी नहीं दी जाती हैं और न ही देनी पड़ती हैं. इसका उपयोग करने वाले के लिए कोई भी नियम निर्धारित नहीं किये गये हैं.

विश्वसनीय :- इसमें कोई भी तीसरे पक्ष पर भरोसा नहीं करना होता हैं इसमें धन और सूचना का पूर्ण नियंत्रण हर समय यूजर्स के हाथ में रहता है.

एन्क्रिप्टेड :- प्रत्येक यूजर्स के पास एक विशेष कोड होते हैं ताकि उनकी जानकारी को अन्य यूजर्स द्वारा एक्सेस न किया जा सके. इसे क्रिप्टोग्राफी कहा जाता हैं. और इसे हैक करना भी लगभग असंभव ही है. जब जानकारी क्रिप्टोग्राफी के साथ छिपी होती हैं, तो इसे एन्क्रिप्टेड किया जाता है.

ग्लोबल :- सभी देशों की अपनी एक करेंसी होती हैं जिसे फ़िएट करेंसी कहा जाता है, दुनिया भर में फ़िएट करेंसी का उपयोग करना काफी मुश्किल काम है. इसलिए इसके स्थान पर आप यदि क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करते हैं तो यह काम बहुत आसानी से हो जायेगा.

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