ब्लॉकचैन क्या है और कैसे कार्य करती है ?[What is Blockchain ?]
ब्लॉकचैन डिस्ट्रिब्यूटेड लेडर टेक्नोलॉजी (डीएलटी) का उपयोग करती हैं ताकि सिस्टम से तीसरे पक्ष को हटाया जा सकें. इसका मतलब यह है कि जिस तरह से जब हम किसी के साथ लेनदेन करते हैं तो बीच में कुछ न कुछ 3rd पार्टी होती हैं जो इस लेनदेन को पूरा करने में सहायक होती हैं लेकिन इसमें ऐसा नहीं होता हैं. क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन में जिस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता हैं, वह एक शेयर किया हुआ डेटाबेस होता हैं, जहाँ लेनदेन की जानकारी दर्ज की जाती है. यह टेक्नोलॉजी को ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी कहा जाता है. दरअसल ब्लॉकचैन हर लेनदेन का एक डेटाबेस हैं इसमें जो लेनदेन किये जाते हैं उसकी जानकारी ब्लॉक के रूप में होती हैं और फिर ये ब्लॉक्स एक – एक करके डेटाबेस के साथ जुड़कर एक लंबी श्रंखला बना देते हैं. यही ब्लॉकचैन होती हैं.
ब्लॉकचैन में एक बार जानकारी चली गई उसके बाद इसे हटाया या बदला नहीं जा सकता हैं. और न ही इसे हर कोई देख सकता है. पूरे डेटाबेस को हजारों कंप्यूटर्स के नेटवर्क पर स्टोर किया जाता हैं जिसे नोड्स कहते हैं. कोई भी नई जानकारी ब्लॉकचैन में तब जोड़ी जाती हैं जब आधे से अधिक नोड्स इस बात से सहमत होते हैं की यह पूरी तरह से वैध हैं और सही भी है.

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